चंदौली ब्यूरो :: रसिया बनवासी बस्ती में दूसरे दिन भी गरजा बुलडोजर, रातभर चलेगा सीमांकन अभियान इलिया।
वन भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की सख्ती अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। रसिया बनवासी बस्ती में बुधवार को दूसरे दिन भी बुलडोजरों की गूंज थमी नहीं, बल्कि और तेज हो गई। छह बुलडोजरों की गर्जना के बीच 20 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और उसके सीमांकन की प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी रही।
सुबह की पहली किरण के साथ ही वन विभाग, राजस्व टीम और भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभाल लिया।
सुरक्षा के कड़े घेरे में चिन्हित क्षेत्र पर कार्रवाई तेज कर दी गई। जहां एक ओर बुलडोजर अवैध कब्जों को हटाने में जुटे रहे, वहीं दूसरी ओर राजस्व विभाग की टीम नक्शा, खसरा और अभिलेखों के आधार पर जमीन की पैमाइश में जुटी रही। पूरे इलाके में प्रशासनिक गतिविधियों की हलचल और मशीनों की आवाज ने माहौल को पूरी तरह गंभीर बना दिया।
रेंजर चकिया अश्विनी चतुर्वेदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “वन भूमि की सुरक्षा के लिए सीमांकन अत्यंत आवश्यक है। आज दिनभर यह प्रक्रिया चलेगी और जरूरत पड़ी तो पूरी रात भी सीमांकन जारी रहेगा।” उनके इस बयान ने प्रशासन की मंशा को साफ कर दिया,
अब किसी भी कीमत पर वन भूमि पर दोबारा अतिक्रमण नहीं होने दिया जाएगा।
अभियान के दौरान नायब तहसीलदार मुहम्मद आरिफ, ए.के. दूबे, आनंद दूबे, जसवंत सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर डटे रहे।
प्रशासन की सख्ती के चलते संभावित विरोध की आशंकाएं भी दब गईं और कार्रवाई बिना किसी बड़े व्यवधान के आगे बढ़ती रही।
अधिकारियों के अनुसार, पहले दिन बड़ी संख्या में अवैध झोपड़ियां और निर्माण ध्वस्त किए गए थे, जबकि दूसरे दिन का मुख्य फोकस भूमि के सटीक सीमांकन पर रखा गया। इसका उद्देश्य भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद की गुंजाइश को समाप्त करना है।