लखनऊ, 26 फरवरी 2026 :: होली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में रंग और गुलाल की बिक्री तेज हो गई है। लेकिन हर साल की तरह इस बार भी मिलावटी और केमिकल युक्त रंगों का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार नकली रंगों के इस्तेमाल से त्वचा रोग, एलर्जी, आंखों में जलन और बालों को गंभीर नुकसान हो सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत भी समय-समय पर केमिकल युक्त रंगों से सावधान रहने की सलाह दे चुके हैं।


⚠️ मिलावटी रंगों से होने वाले नुकसान
त्वचा पर खुजली, लाल चकत्ते और एलर्जी
आंखों में जलन और संक्रमण
बालों का झड़ना और रूखापन
सांस की समस्या (अस्थमा मरीजों के लिए खतरनाक)
🌿 ऐसे पहचानें प्राकृतिक और ऑर्गेनिक गुलाल

  1. खुशबू से पहचान करें
    प्राकृतिक गुलाल में हल्की फूलों या जड़ी-बूटियों की खुशबू होती है, जबकि केमिकल रंगों में तेज और अजीब गंध होती है।
  2. हाथ पर रगड़कर देखें
    ऑर्गेनिक गुलाल मुलायम और चिकना होता है। केमिकल वाला गुलाल खुरदुरा लगता है।
  3. पानी में डालकर टेस्ट करें
    प्राकृतिक रंग पानी में आसानी से घुल जाता है
    मिलावटी रंग नीचे बैठ जाता है या तेल जैसा फैलता है
  4. बहुत ज्यादा चमकीले रंग से बचें
    अत्यधिक चमकीले और चमकदार रंगों में केमिकल होने की संभावना ज्यादा होती है।
  5. पैकेट पर “Organic” और “Herbal” प्रमाण देखें
    हमेशा ब्रांडेड और प्रमाणित उत्पाद ही खरीदें।
    🌼 घर पर ऐसे बनाएं प्राकृतिक रंग
    पीला रंग:
    हल्दी और बेसन मिलाकर
    गुलाबी रंग: चुकंदर सुखाकर पीस लें
    हरा रंग: मेहंदी या पालक से
    केसरिया रंग: टेसू (पलाश) के फूल से
    👨‍⚕️ विशेषज्ञों की सलाह
    त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि होली खेलने से पहले शरीर पर नारियल तेल या सरसों का तेल लगा लें, इससे रंग का असर कम होगा।
    🎯 सुरक्षित होली खेलने की अपील
    BharatTimesToday News अपने पाठकों से अपील करता है कि इस होली प्राकृतिक और ऑर्गेनिक रंगों का ही उपयोग करें, ताकि त्योहार की खुशियां सेहत के साथ मनाई जा सकें।

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