Varanasi: पूरे देश में नवरात्री की शुरुआत 19 मार्च 2026 (गुरुवार) से हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) का विशेष महत्व होता है, जिसे शुभ मुहूर्त में करना आवश्यक माना गया है।
इस बार तिथियों के अंतर के कारण मुहूर्त को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है, लेकिन वाराणसी पंचांग के अनुसार सही समय स्पष्ट हो गया है।
📅 अमावस्या तिथि (वाराणसी समय अनुसार)
- अमावस्या प्रारंभ: 18 मार्च 2026, सुबह 10:39 बजे
- अमावस्या समाप्त: 19 मार्च 2026, सुबह लगभग 09:10 बजे
👉 इसके बाद ही चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होती है।
🪔 कलश स्थापना का सटीक मुहूर्त (वाराणसी पंचांग अनुसार)
👉 19 मार्च 2026 (गुरुवार)
✔️ मुख्य और शुद्ध मुहूर्त:
सुबह 09:15 बजे से 10:30 बजे तक
👉 यही समय प्रतिपदा तिथि और शुभ लग्न के संयोग में बन रहा है, इसलिए इसे सबसे सही और मान्य माना गया है।
⚠️ क्यों हो रहा है मुहूर्त को लेकर भ्रम?
कई जगह सुबह 6–8 बजे का समय बताया जा रहा है, लेकिन वह समय अमावस्या तिथि में पड़ता है।
👉 वाराणसी पंचांग के अनुसार
✔️ प्रतिपदा तिथि शुरू होने के बाद ही स्थापना मान्य होती है
✔️ इसलिए 09:15 बजे के बाद का समय ही शास्त्रसम्मत है
🪔 कलश स्थापना की विधि
- घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में स्थान साफ करें
- मिट्टी में जौ बोकर उस पर कलश स्थापित करें
- कलश में जल भरें, आम के पत्ते और नारियल रखें
- कुमकुम से स्वस्तिक बनाएं
- “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का जाप करें
- घी का दीपक जलाकर माता दुर्गा का आह्वान करें
🌼 धार्मिक महत्व
घटस्थापना नवरात्रि का प्रारंभिक और सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। इसे सही समय पर करने से घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।