वाराणसी | Bharat Times Today News

चैत्र नवरात्रि 2026 का तीसरा दिन (21 मार्च) मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से भय, दुख और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है तथा जीवन में साहस और आत्मविश्वास की वृद्धि होती है। 

मां चंद्रघंटा का स्वरूप और महत्व

मां चंद्रघंटा के मस्तक पर अर्धचंद्र घंटी के आकार में विराजमान होता है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनका वाहन सिंह है और दस भुजाओं में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र धारण किए हुए हैं। 

धार्मिक मान्यता है कि—

  • मां चंद्रघंटा शांति और वीरता का संगम हैं
  • इनकी पूजा से भय, रोग और बाधाएं दूर होती हैं
  • साधक के भीतर साहस और आत्मबल बढ़ता है  

यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है जो जीवन में तनाव, डर या चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

पूजा का शुभ समय (मुहूर्त)

  • सुबह का समय पूजा के लिए सबसे उत्तम माना गया है
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:04 से 12:53 तक  

मां चंद्रघंटा पूजा विधि

नवरात्रि के तीसरे दिन पूजा करने की सरल विधि:

  1. सुबह स्नान कर स्वच्छ (विशेषकर ग्रे रंग) वस्त्र धारण करें
  2. पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें
  3. मां चंद्रघंटा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें
  4. रोली, अक्षत, फूल, धूप-दीप अर्पित करें
  5. मां को खीर और दूध से बनी मिठाई का भोग लगाएं
  6. अंत में आरती करें और प्रसाद वितरण करें  

📿 मां चंद्रघंटा के मंत्र बीज मंत्र:

ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः

विशेष मंत्र:

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे

इन मंत्रों का 108 बार जाप करने से विशेष फल मिलता है। 

मां को प्रिय भोग

  • खीर
  • दूध से बनी मिठाई
  • फल

मान्यता है कि खीर का भोग लगाने से जीवन के दुख दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है। 

नवरात्रि तीसरे दिन का रंग

  • ग्रे रंग (Grey) शुभ माना जाता है
  • यह रंग शांति, संतुलन और मानसिक स्पष्टता का प्रतीक है  

धार्मिक मान्यता और लाभ

मां चंद्रघंटा की पूजा से—

  • नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है
  • आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता बढ़ती है
  • परिवार में सुख-शांति बनी रहती है
  • जीवन की बाधाएं दूर होती हैं  

विशेष उपाय

  • पूजा के समय घंटी या शंख जरूर बजाएं
  • कन्याओं को प्रसाद बांटना शुभ माना जाता है
  • मन में शुद्धता और सकारात्मक विचार रखें  

नवरात्रि का तीसरा दिन आत्मविश्वास, साहस और शक्ति का प्रतीक है। मां चंद्रघंटा की आराधना से भक्तों को न केवल आध्यात्मिक बल मिलता है, बल्कि जीवन की कठिनाइयों से लड़ने की ऊर्जा भी प्राप्त होती है।

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