नई दिल्ली/स्वास्थ्य | केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत देशभर में स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा तेजी से बढ़ा है। 28 फरवरी 2026 तक योजना में सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या पांच गुना से अधिक बढ़कर 36,229 हो गई है, जिससे करोड़ों गरीब और पात्र परिवारों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।
अस्पतालों की संख्या में बड़ा इजाफा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2018-19 में जहां कुल 6,917 अस्पताल (3,013 सरकारी और 3,904 निजी) योजना में शामिल थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर:
- 19,483 सरकारी अस्पताल
- 16,746 निजी अस्पताल
➡️ कुल: 36,229 अस्पताल
अब देशभर के पात्र लाभार्थी इन सभी सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज करवा सकते हैं।
11.69 करोड़ अस्पताल में भर्ती अधिकृत
योजना के तहत अब तक:
- कुल 11.69 करोड़ अस्पताल प्रवेश अधिकृत किए गए
- इनमें से 6.74 करोड़ प्रवेश निजी अस्पतालों में हुए
यह आंकड़े बताते हैं कि योजना ने आम जनता, विशेषकर गरीब वर्ग के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

इलाज से इनकार नहीं कर सकते अस्पताल
योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, कोई भी सूचीबद्ध अस्पताल पात्र लाभार्थी को इलाज देने से मना नहीं कर सकता। यदि किसी अस्पताल द्वारा इलाज से इनकार किया जाता है या अनियमितता होती है, तो लाभार्थी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
📞 शिकायत कैसे करें?
- केंद्रीय शिकायत निवारण प्रबंधन प्रणाली (CGRMS) के माध्यम से
- 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर: 14555
शिकायतों की सुनवाई के लिए जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन-स्तरीय व्यवस्था बनाई गई है, जहां नोडल अधिकारी और समितियां मामलों का समाधान करती हैं।
अस्पताल पैनल में शामिल होने की प्रक्रिया
योजना के तहत अस्पतालों का पैनल में शामिल होना एक सतत प्रक्रिया है:
- राज्य और केंद्र शासित प्रदेश आवश्यकता के अनुसार अस्पतालों को जोड़ते हैं
- निजी अस्पतालों का शामिल होना पूरी तरह स्वैच्छिक है
क्लेम निपटान की समय सीमा
- राज्य के भीतर अस्पताल: 15 दिनों में क्लेम निपटान
- राज्य के बाहर अस्पताल: 30 दिनों में क्लेम निपटान
दावों की जांच मेडिकल दस्तावेजों और तय मानकों के आधार पर की जाती है।
संसद में दी गई जानकारी
यह जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने लोकसभा में लिखित उत्तर के माध्यम से दी।
आयुष्मान भारत योजना का तेजी से विस्तार देश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बना रहा है। बढ़ती अस्पताल संख्या और करोड़ों इलाज से यह योजना गरीबों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है।