BTT NEWS | शिक्षा विभाग बड़ी खबर
प्रयागराज/उ॰प्र॰ :: प्रयागराज से जारी एक महत्वपूर्ण आदेश में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए स्कूलों में केवल अधिकृत (NCERT/UPMSP) पाठ्यपुस्तकों के उपयोग को अनिवार्य कर दिया है। परिषद ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी विद्यालय में अनधिकृत किताबें, गाइड या महंगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें नहीं चलेंगी।
परिषद के सचिव द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि कक्षा 9 से 12 तक के लिए सभी विषयों की अधिकृत पुस्तकें बहुत सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि छात्रों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ न पड़े। इसके बावजूद कई जगहों पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें (149% से 361% तक अधिक कीमत) छात्रों पर थोपे जाने की शिकायतें मिली हैं।

क्या हैं मुख्य निर्देश
- ❌ अनधिकृत किताबें पूरी तरह प्रतिबंधित
- 📚 केवल अधिकृत पुस्तकों से ही पढ़ाई अनिवार्य
- 👨🏫 छात्रों को जबरन गाइड/प्राइवेट किताब खरीदने पर रोक
- 🏫 15 अप्रैल 2026 तक स्कूलों का विशेष निरीक्षण अभियान
- ⚖️ नियम उल्लंघन पर प्रधानाचार्य/शिक्षक पर कार्रवाई
- 🚔 नकली किताबों की बिक्री पर पुलिस व अन्य विभागों के साथ संयुक्त कार्रवाई
असली-नकली किताब की पहचान
परिषद ने बताया कि असली पुस्तकों के कवर पर 7 अंकों का अल्ट्रा वॉयलेट फ्लोरोसेंट लाल सीरियल नंबर अंकित रहेगा।
➡️ बिना इस नंबर वाली किताबें अनधिकृत मानी जाएंगी
विशेष अभियान और मेले
छात्रों और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए 15 अप्रैल 2026 तक:
- 📖 पुस्तक जागरूकता शिविर
- 🎪 स्कूल स्तरीय पुस्तक मेले आयोजित किए जाएंगे
इन कार्यक्रमों की निगरानी शिक्षा विभाग के अधिकारी करेंगे और फोटो/रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
यदि कोई स्कूल, शिक्षक या प्रबंधन छात्रों को जबरन निजी किताबें खरीदने के लिए मजबूर करता है, तो उसके खिलाफ इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।
इस आदेश का उद्देश्य शिक्षा को सस्ता और पारदर्शी बनाना है, ताकि हर छात्र को समान अवसर मिल सके और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।