पूर्वांचल के किसानों को भंडारण, प्रसंस्करण और बेहतर दाम दिलाने के लिए संसद में उठी आवाज
चंदौली | 14 मार्च 2026:
Darshana Singh ने संसद के उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान चंदौली जिले में धान क्लस्टर स्थापित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि चंदौली को पूर्वांचल का “धान का कटोरा” कहा जाता है और यहां के किसान देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सांसद ने सदन को बताया कि जिले के अधिकतर किसान छोटे और सीमांत वर्ग से हैं। खेती में कड़ी मेहनत के बावजूद उन्हें अपने धान का उचित मूल्य नहीं मिल पाता, क्योंकि भंडारण और वैज्ञानिक प्रसंस्करण की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि धान की कटाई के बाद अधिक नमी रहने के कारण फसल खराब होने का खतरा बना रहता है। ऐसी स्थिति में किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर धान बेचना पड़ता है, जिससे उनकी आय प्रभावित होती है।
सांसद दर्शना सिंह ने जोर देकर कहा कि यदि चंदौली में धान क्लस्टर स्थापित किया जाता है, तो इससे धान के भंडारण, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग की आधुनिक व्यवस्था विकसित होगी। इससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि इस क्लस्टर का लाभ केवल चंदौली ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों — Mirzapur, Sonbhadra, Ghazipur और Jaunpur — के किसानों को भी मिलेगा।
सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि चंदौली में धान क्लस्टर की स्थापना कर पूर्वांचल के किसानों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके और कृषि को नई मजबूती मिले।