1871 करोड़ रुपये से स्मार्ट बनेंगे यूपी के सरकारी स्कूल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों को स्मार्ट बनाने के लिए करीब 1871 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना में केंद्र सरकार की ओर से 1123 करोड़ रुपये और राज्य सरकार की ओर से 748 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

योजना के तहत करीब 972 राजकीय और अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास की सुविधा विकसित की जाएगी। इससे विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा और कठिन विषयों को ऑडियो-वीडियो सामग्री के माध्यम से आसानी से समझाया जा सकेगा।

इसके अलावा 31 जूनियर हाईस्कूल और कंपोजिट विद्यालयों को हाईस्कूल स्तर तक अपग्रेड किया जाएगा। वहीं चार राजकीय हाईस्कूलों को इंटरमीडिएट स्तर तक बढ़ाया जाएगा। इनमें चित्रकूट के दो तथा गाजियाबाद और ललितपुर के एक-एक विद्यालय शामिल हैं।

योजना के तहत सीतापुर, संभल, मीरजापुर, चित्रकूट, हरदोई, श्रावस्ती और गोंडा समेत कई जिलों में विद्यालयों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। विद्यार्थियों को कौशल प्रशिक्षण और एआई से जुड़ी शिक्षा देने की भी तैयारी है। शिक्षकों को भी आधुनिक तकनीक और नई शिक्षण पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्राथमिक विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा। सरकार की इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।