MSME, पात्र गैर-MSME और अनुसूचित यात्री एयरलाइंस को सरकार की क्रेडिट गारंटी योजना का लाभ, 20 अगस्त तक 6.73 लाख से अधिक गारंटियां जारी
नई दिल्ली, 5 सितंबर 2026 :: वैश्विक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण कारोबारों के सामने पैदा होने वाली वित्तीय चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य बाहरी आर्थिक झटकों से प्रभावित व्यवसायों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना और उनकी व्यावसायिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखना है।
सरकार ने 5 मई 2026 को ECLGS 5.0 को मंजूरी दी थी। योजना को नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (NCGTC) के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इसके तहत पात्र ऋणदाता संस्थानों को सरकार समर्थित क्रेडिट गारंटी दी जाती है, जिससे वे कम जोखिम के साथ पात्र कारोबारों को अतिरिक्त ऋण उपलब्ध करा सकें।

योजना के तहत 2.55 लाख करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त ऋण प्रवाह को सुगम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य कारोबारों में नकदी की उपलब्धता बढ़ाने, रोजगार बचाने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाए रखना है।
किन कारोबारों को मिलेगा लाभ?
ECLGS 5.0 के दायरे में सभी क्षेत्रों के पात्र MSME, चुनिंदा गैर-MSME कारोबारी और अनुसूचित यात्री एयरलाइंस शामिल हैं। पात्र उधारकर्ताओं के पास 31 मार्च 2026 तक सदस्य ऋणदाता संस्थानों से मौजूदा कार्यशील पूंजी सुविधा होनी चाहिए और उनके खाते में 60 दिनों से अधिक का बकाया नहीं होना चाहिए।गैर-MSME के लिए कुछ क्षेत्रों को योजना से बाहर रखा गया है। इनमें NBFC, बिजली उत्पादन/पारेषण/वितरण, दूरसंचार सेवा प्रदाता, चीनी एवं एथेनॉल, IT कंपनियां, कागज एवं कागज उत्पाद, शैक्षणिक संस्थान, कुछ पेय पदार्थ और तंबाकू क्षेत्र शामिल हैं।MSME को 100% तक क्रेडिट गारंटीपात्र MSME को दिए जाने वाले अतिरिक्त ऋण पर 100% क्रेडिट गारंटी उपलब्ध होगी, जबकि पात्र गैर-MSME के लिए गारंटी कवरेज 90% है।
MSME के लिए इस योजना के तहत कोई गारंटी शुल्क नहीं लिया जाएगा। अतिरिक्त ऋण की राशि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के दौरान सबसे अधिक फंड-आधारित कार्यशील पूंजी बकाया की 20% तक हो सकती है। इसकी अधिकतम सीमा प्रति उधारकर्ता 100 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है।
ब्याज दर पर भी तय की गई सीमा
ECLGS 5.0 के तहत ऋण निर्धारित बेंचमार्क से जुड़ी ब्याज दरों पर उपलब्ध कराया जाएगा। MSME के लिए ब्याज दर EBLR और पात्र गैर-MSME के लिए MCLR से जुड़ी होगी।
ऋणदाता संस्थान बेंचमार्क से अधिकतम 0.75 प्रतिशत तक अतिरिक्त ब्याज ले सकते हैं, लेकिन कुल ब्याज दर 9% सालाना से अधिक नहीं होनी चाहिए। पात्र NBFC द्वारा दिए जाने वाले ऋण पर ब्याज दर अधिकतम 13% सालाना होगी।ऋण की अवधि पहले वितरण की तारीख से 5 वर्ष होगी, जिसमें 1 वर्ष की मोरेटोरियम अवधि शामिल है।
एयरलाइंस के लिए अलग प्रावधान
ECLGS 5.0 में अनुसूचित यात्री एयरलाइंस को भी शामिल किया गया है। पात्र एयरलाइंस को दिए जाने वाले ऋण पर 90% क्रेडिट गारंटी उपलब्ध होगी।एयरलाइंस को पात्रता शर्तों के आधार पर अतिरिक्त ऋण की सुविधा दी जा सकती है। इसकी अधिकतम सीमा 1,500 करोड़ रुपये प्रति उधारकर्ता है। 1,000 करोड़ रुपये से अधिक और 1,500 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त राशि के लिए प्रमोटरों या मालिकों का आनुपातिक इक्विटी योगदान जरूरी होगा।एयरलाइंस के लिए ऋण की अवधि 7 वर्ष होगी, जिसमें 2 वर्ष की मोरेटोरियम अवधि शामिल है।
20 अगस्त तक जारी हो चुकी हैं 6.73 लाख से अधिक गारंटियां
ECLGS 5.0 को कारोबार जगत से तेजी से प्रतिक्रिया मिली है। 20 अगस्त 2026 तक योजना के तहत 6,73,979 गारंटियां जारी की जा चुकी थीं। इन गारंटियों के तहत कुल राशि 2,50,024 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।जारी की गई कुल गारंटियों की संख्या में MSME की हिस्सेदारी 97.3%, जबकि कुल गारंटी राशि में MSME की हिस्सेदारी 80.79% रही।
जन समर्थ पोर्टल से भी आवेदन की सुविधा
पात्र कारोबारी ECLGS 5.0 का लाभ लेने के लिए जन समर्थ पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। योजना को बैंकों और वित्तीय संस्थानों के व्यापक नेटवर्क के जरिए अधिक से अधिक पात्र कारोबारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।सरकार ने योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न स्थानों पर आउटरीच अभियान भी चलाए हैं। पहले चरण में 20 मई से 6 जून 2026 के बीच 9 स्थानों पर अभियान आयोजित किए गए। इसके बाद 10 अन्य स्थानों पर भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।कोविड के बाद ECLGS का नया चरण

ECLGS की शुरुआत वर्ष 2020 में आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत कोविड-19 महामारी के दौरान कारोबारों को वित्तीय संकट से उबारने के लिए की गई थी। इसके बाद ECLGS 1.0 से लेकर 4.0 तक योजना का दायरा अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार बढ़ाया गया।ECLGS 1.0 में MSME, कारोबारी उद्यम, मुद्रा ऋण और व्यक्तिगत कारोबारी ऋण शामिल थे। ECLGS 2.0 में संकटग्रस्त क्षेत्रों और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को जोड़ा गया, जबकि ECLGS 3.0 में हॉस्पिटैलिटी, यात्रा, पर्यटन, अवकाश, खेल और नागरिक उड्डयन क्षेत्र को सहायता दी गई। ECLGS 4.0 का मुख्य फोकस महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना को मजबूत करना था।
ECLGS के पहले चार चरणों के तहत कुल 3.68 लाख करोड़ रुपये की 1.19 करोड़ गारंटियां जारी की गईं। ये योजनाएं 31 मार्च 2023 को समाप्त हो गई थीं।31 मार्च 2027 तक लागू रहेगी ECLGS 5.0ECLGS 5.0 31 मार्च 2027 तक या 2.55 लाख करोड़ रुपये की गारंटी जारी होने तक, इनमें से जो भी पहले हो, लागू रहेगी।
सरकार का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच अतिरिक्त कार्यशील पूंजी की उपलब्धता से कारोबारों को अपनी वित्तीय और परिचालन जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। इससे रोजगार बनाए रखने, घरेलू उत्पादन जारी रखने और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, ECLGS 5.0 का उद्देश्य सिर्फ कारोबारों को ऋण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि मुश्किल आर्थिक परिस्थितियों में उनकी निरंतरता और मजबूती सुनिश्चित करना है ।
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