लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हाल की भारी बारिश, अतिवृष्टि, चक्रवात और बाढ़ से प्रभावित किसानों के लिए राहत की तैयारी तेज कर दी गई है। सरकार ने फसल नुकसान का डिजिटल सर्वे 12 अक्टूबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सर्वे के बाद पात्र किसानों को नियमानुसार फसल क्षति की सहायता राशि देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

राहत आयुक्त ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि खेतों में हुए नुकसान का सही और पारदर्शी आकलन किया जाए। केवल लेखपाल और कानूनगो की रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर सर्वे की जांच भी की जाएगी।

बारिश और बाढ़ में डूबी या बर्बाद हुई फसलों की जानकारी डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही बारिश के आंकड़ों और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर नुकसान का वैज्ञानिक तरीके से आकलन किया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद पात्र किसानों को नियमों के अनुसार मुआवजा/सहायता राशि उपलब्ध कराने की तैयारी है।

ऐसे में बारिश और बाढ़ से फसल प्रभावित होने वाले किसानों के लिए 12 अक्टूबर की तारीख अहम मानी जा रही है। सर्वे में वास्तविक नुकसान दर्ज होने के बाद राहत राशि वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।