नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी। भोटेकोशी नदी में अचानक बढ़े जलप्रवाह के कारण कई घर, सड़कें, पुल और अन्य ढांचे प्रभावित हुए हैं। नेपाल में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराजगंज और कुशीनगर समेत सीमावर्ती क्षेत्रों में अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट रहने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
महाराजगंज में गंडक नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। नेपाल से आने वाले पानी के कारण गंडक और नारायणी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है। प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रहा है और राहत-बचाव व्यवस्था को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, सोशल मीडिया और कुछ वायरल पोस्ट में 30 हजार लोगों के प्रभावित होने, 1000 लोगों के बह जाने या 4000 लोगों के मलबे में दबे होने जैसे दावे किए जा रहे हैं, लेकिन इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में सैकड़ों लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
नेपाल की स्थिति पर भारत और उत्तर प्रदेश प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।