उत्तर प्रदेश | 17 अक्टूबर 2026
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने के आदेश के बाद प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंचायत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन फिलहाल पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का इंतजार है।
हाईकोर्ट के आदेश का सरकार ने किया स्वागत
पंचायती राज मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि सरकार हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करती है। पंचायत चुनाव कराने की तैयारियां पूरी हैं। मतदाता सूची तैयार हो चुकी है और जिलों में मतपत्र भी भेजे जा चुके हैं। अब चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए ओबीसी आयोग की रिपोर्ट महत्वपूर्ण है।
ओबीसी आरक्षण को लेकर फंसा पेंच
दरअसल, पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए सीटों का आरक्षण तय करने को लेकर मामला अटका हुआ है। हाईकोर्ट ने 14 अक्टूबर को तीन महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया है। साथ ही पिछड़ा वर्ग आयोग को एक महीने में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
आयोग की रिपोर्ट आने के बाद आरक्षण संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएगी सरकार: राजभर
ओमप्रकाश राजभर ने स्पष्ट किया कि सरकार हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि आयोग की रिपोर्ट समय पर मिलने पर निर्धारित अवधि में चुनाव कराए जा सकते हैं।
ग्राम प्रधान पद के दावेदारों की बढ़ी बेचैनी
हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी चर्चाएं तेज हो गई हैं। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों की नजर अब ओबीसी आयोग की रिपोर्ट और राज्य निर्वाचन आयोग के अगले कदम पर टिकी है।
फिलहाल पंचायत चुनाव की आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं हुई है। अब देखना होगा कि आयोग कितनी जल्दी रिपोर्ट सौंपता है और चुनाव कार्यक्रम कब जारी होता है।