वाराणसी। साइबर अपराधियों के खिलाफ वाराणसी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम सेल, प्रतिबिंब टीम और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से जुड़े एक बड़े SIM बॉक्स नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान 6 SIM बॉक्स, 192 सिम स्लॉट, राउटर, VPN गेटवे सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।

विदेशी कॉल को भारतीय नंबर में बदलकर करते थे ठगी

पुलिस जांच में सामने आया है कि साइबर अपराधी विदेश से आने वाली कॉल को तकनीकी उपकरणों की मदद से भारतीय मोबाइल नंबर के रूप में प्रदर्शित करते थे। इससे लोगों को लगता था कि कॉल भारत से ही आ रही है। इसी तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर और अन्य तरीकों से ठगी का शिकार बनाया जाता था।

41 साइबर शिकायतों से जुड़ा नेटवर्क

जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कुल 41 साइबर शिकायतें मिलने की जानकारी सामने आई है। इनमें डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 25 लाख रुपये की ठगी का एक गंभीर मामला भी शामिल है।

तीन थाना क्षेत्रों में पुलिस की छापेमारी

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वाराणसी के शिवपुर, लंका और चितईपुर थाना क्षेत्रों में की गई। तीनों स्थानों पर संचालित संदिग्ध नेटवर्क की जांच के बाद महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।

पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, नेटवर्क से जुड़े एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

साइबर पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों, बैंक खातों और संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच में जुटी है।

इस कार्रवाई के साथ पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर आने वाली धमकी भरी कॉल से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध कॉल की शिकायत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें।

You missed