नई दिल्ली :: दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण को लेकर राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। अधिक कीमत वसूलने की शिकायत मिलने पर प्राधिकरण जांच करता है और प्रथम दृष्टया मामला सही पाए जाने पर संबंधित कंपनियों को डिमांड नोटिस (DN) जारी कर वसूली की प्रक्रिया शुरू करता है।

अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में दी गई जानकारी में बताया कि वित्तीय वर्ष 2015-16 से 30 सितंबर 2025 तक कुल 1021 डिमांड नोटिस जारी किए गए, जिनमें से 430 मामलों में वसूली की गई है, जबकि 591 मामले अभी लंबित हैं।

📊 10 साल का पूरा आंकड़ा (2015-16 से 2025-26 तक)

  • कुल डिमांड नोटिस: 1021
  • वसूली किए गए मामले: 430
  • कुल वसूली राशि: ₹13,860.93 लाख
  • लंबित मामले: 591

📈 साल-दर-साल मुख्य झलक

  • 2015-16: 245 नोटिस, ₹953.26 लाख वसूली
  • 2016-17: ₹6129.14 लाख (सबसे ज्यादा वसूली)
  • 2017-18: ₹4274.48 लाख
  • 2020-21: केवल ₹9.79 लाख (कम गतिविधि)
  • 2025-26 (सितंबर तक): ₹333.83 लाख वसूली

सरकार ने क्या किए बड़े कदम?

सरकार ने दवाओं की कीमतों पर निगरानी मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं:

  • PMRU (Price Monitoring & Resource Units) की स्थापना राज्यों में
  • Pharma Sahi Daam मोबाइल ऐप के जरिए 98,000+ दवाओं की कीमत की जानकारी
  • Pharma Jan Samadhan पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा
  • CPGRAMS के माध्यम से भी शिकायत दर्ज

शिकायत कैसे करें?

यदि कोई दवा कंपनी अधिक कीमत वसूल रही है तो आप सीधे शिकायत कर सकते हैं:

  • हेल्पलाइन: 1800111255
  • ईमेल: monitoring-nppa@gov.in
  • वेबसाइट: nppa.gov.in

महत्वपूर्ण जानकारी

सरकार के अनुसार, दवाओं के मूल्य की निगरानी और अधिक वसूली की कार्रवाई एक निरंतर प्रक्रिया है, इसलिए इसके लिए कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं की गई है।

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