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चंदौली। नियामताबाद विकासखंड के ग्रामसभा खजुरगांव में मुख्य सड़क से जुड़ा करीब 10 फीट चौड़ा चकरोड पिछले लगभग 50 वर्षों से बदहाली का दंश झेल रहा है। यह मार्ग गांव की दलित बस्ती को मुख्य सड़क से जोड़ता है, लेकिन आज तक इस पर न तो खड़ंजा बिछाया गया और न ही आरसीसी सड़क का निर्माण कराया गया। ग्रामीणों के अनुसार, वर्षों से मार्ग कच्ची मिट्टी की स्थिति में ही पड़ा हुआ है।

बताया जाता है कि उचित देखरेख और मरम्मत के अभाव में आसपास के खेतों तथा घरों की ओर से मिट्टी काटे जाने के कारण कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई घटकर महज एक से दो फीट तक रह गई है। इससे मार्ग का अस्तित्व ही धीरे-धीरे समाप्त होने के कगार पर पहुंच गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से समस्या के बावजूद जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।

बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है। कच्चे मार्ग पर पानी जमा होने से भारी कीचड़ हो जाता है, जिससे स्कूली बच्चों के साथ ही बस्ती के लोगों को आवागमन में काफी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार मार्ग के निर्माण और मरम्मत की मांग उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर चकरोड की पैमाइश कराई जाए तथा अतिक्रमण हटाकर मार्ग को उसके मूल स्वरूप में लाया जाए। साथ ही प्राथमिकता के आधार पर खड़ंजा अथवा आरसीसी सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि बस्ती के लोगों और स्कूली बच्चों को आवागमन की समस्या से राहत मिल सके।