उत्तर प्रदेश | 13 अक्टूबर 2026
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन योजना से जुड़े करीब 8.5 लाख बुजुर्गों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। आधार कार्ड को आयु प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किए जाने के कारण लाखों बुजुर्गों के पेंशन आवेदन अटक गए हैं। अब आवेदकों को अपनी उम्र साबित करने के लिए दूसरे वैध दस्तावेज जमा करने होंगे।
आधार कार्ड से नहीं होगा उम्र का सत्यापन
समाज कल्याण विभाग ने वृद्धावस्था पेंशन योजना के नियमों में बदलाव किया है। विभाग के निदेशक प्रमोद कुमार उपाध्याय ने 21 मार्च को इस संबंध में निर्देश जारी किए थे। इसके तहत आधार कार्ड पर दर्ज जन्मतिथि को आयु प्रमाण के रूप में मान्य नहीं किया जाएगा।
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
अब बुजुर्गों को परिवार रजिस्टर की प्रमाणित नकल या जन्मतिथि दर्ज शैक्षिक प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। शहरी क्षेत्रों के लिए कुछ अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों की भी व्यवस्था की गई है।
प्रयागराज और कौशांबी में हजारों आवेदन प्रभावित
रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज में 20,348 और कौशांबी में करीब चार हजार बुजुर्गों के आवेदन प्रभावित हुए हैं। शासन स्तर से आवेदन वापस संबंधित जिलों को भेजे गए हैं, ताकि दस्तावेजों की कमियां दूर की जा सकें।
पेंशन पाने के लिए जल्द कराएं सुधार
जिन बुजुर्गों के आवेदन लंबित हैं, वे अपने ब्लॉक कार्यालय या जिला समाज कल्याण विभाग में आवेदन की स्थिति जांच सकते हैं। जनसेवा केंद्र के माध्यम से जरूरी दस्तावेज अपलोड कराए जा सकते हैं।
विभाग की ओर से संबंधित आवेदकों को मोबाइल पर संदेश भी भेजे गए हैं। हालांकि, बड़ी संख्या में बुजुर्ग अभी इस बदलाव से अनजान हैं। ऐसे में पात्र लाभार्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते दस्तावेजों की कमी दूर कराएं, ताकि उनकी पेंशन स्वीकृति की प्रक्रिया आगे बढ़ सके।