गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन-लंगर, किसानों में नई फसल की खुशी, पंजाब से यूपी तक उत्सव का माहौल
धर्म/त्यौहार :: आज पूरे देश में वैसाखी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन किसानों के लिए नई फसल की खुशी लेकर आता है, वहीं सिख समुदाय के लिए यह आस्था और इतिहास का प्रतीक है।
आज ही के दिन 1699 में खालसा पंथ की स्थापना हुई थी, जिसे गुरु गोबिंद सिंह ने शुरू किया था। इस मौके पर देशभर के गुरुद्वारों में विशेष अरदास, कीर्तन और लंगर का आयोजन किया जा रहा है।
वाराणसी-चंदौली में खास माहौल:

- गुरुद्वारों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़
- लंगर सेवा और भजन-कीर्तन का आयोजन
- लोग एक-दूसरे को बधाई देकर खुशियां बांट रहे हैं
क्यों खास है आज का दिन?
- रबी फसल की कटाई का उत्सव
- सिख नववर्ष की शुरुआत
- सेवा, त्याग और एकता का संदेश
वैसाखी हमें मेहनत, समर्पण और समाज सेवा का पाठ पढ़ाती है। यह पर्व भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है।